रेलकर्मी के परिवार से 1.65 लाख की ऑनलाइन ठगी

रेलकर्मी के परिवार से 1.65 लाख की ऑनलाइन ठगी

पश्चिमी सिंहभूम

पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत सोकासाई गांव में साइबर ठगों ने दिवंगत रेलकर्मी के परिवार को पारिवारिक पेंशन शुरू कराने का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया। महज 39 मिनट के भीतर ठगों ने बैंक खाते से 1 लाख 65 हजार 875 रुपये उड़ा लिए। हालांकि समय रहते बैंक पहुंचकर खाते को फ्रीज करा दिए जाने से खाते में मौजूद शेष राशि सुरक्षित बच गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की है, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनसार दिवंगत रेलकर्मी स्वर्गीय तुलसी सांडिल की पत्नी का भी निधन हो चुका है। उनके बाद मिलने वाली पारिवारिक पेंशन उनकी पुत्री चुन्नी सांडिल के नाम स्वीकृत होनी थी। इसी का फायदा उठाते हुए 6 जुलाई की दोपहर करीब 1:30 बजे चुन्नी सांडिल के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने स्वयं को डीआरएम कार्यालय के पेंशन अनुभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि पारिवारिक पेंशन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

उस समय घर पर मौजूद चुन्नी के भाई सामू सांडिल ने फोन पर बातचीत की। ठगों ने मृतक रेलकर्मी का पीपीओ नंबर और अन्य जानकारी बताकर परिवार का भरोसा जीत लिया। इसके बाद उन्होंने बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड से संबंधित जानकारी और कुछ जरूरी दस्तावेज भेजने के लिए कहा। फिर एक लिंक भेजकर उसे मोबाइल में इंस्टॉल करने का निर्देश दिया।

जैसे ही लिंक इंस्टॉल किया गया, कुछ देर बाद बैंक खाते से लगातार राशि निकलने के संदेश आने लगे। शाम 4:20 बजे 97 हजार रुपये की निकासी का पहला संदेश मिला। इसके एक मिनट बाद 68 हजार रुपये और शाम 5 बजे 875 रुपये निकाले जाने का तीसरा संदेश प्राप्त हुआ। इस प्रकार कुल 1 लाख 65 हजार 875 रुपये खाते से निकाल लिए गए।

मोबाइल पर निकासी के संदेश मिलते ही सामू सांडिल तत्काल बैंक पहुंचे और खाते को फ्रीज करा दिया। इससे खाते में जमा चार लाख रुपये से अधिक की शेष राशि सुरक्षित बच गई। इसके बाद पूरे मामले की सूचना बुधवार को पुलिस को दी गई। पुलिस साइबर अपराधियों की पहचान और रकम की ट्रैकिंग में जुटी है।

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