पूर्वी सिंहभूम : पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी में शनिवार सुबह एक दुखद हादसे में दैनिक अखबार के पत्रकार मृत्युंजय सिंह की करंट लगने से मौत हो गई। इस आकस्मिक घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे पत्रकार जगत और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृत्युंजय सिंह मुसाबनी स्थित एचसीएल कंपनी के क्वार्टर में अपनी पत्नी और पुत्री के साथ रहते थे। शनिवार सुबह वे अपनी पत्नी और बेटी को बिहार के जमुई स्थित पैतृक गांव भेजने के लिए घाटशिला रेलवे स्टेशन तक छोड़ने गए थे। स्टेशन पर दोनों को ट्रेन में बैठाने के बाद वे वापस अपने आवास लौट आए।
घर पहुंचने के बाद वे क्वार्टर के पीछे स्थित खटाल की ओर गए। इसी दौरान किसी कारणवश वे बिजली के संपर्क में आ गए, जिससे उन्हें जोरदार करंट लगा और वे मौके पर ही गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तो तत्काल मदद के प्रयास शुरू किए गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पत्रकार रणधीर कुमार सबसे पहले मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराई और गंभीर अवस्था में मृत्युंजय सिंह को उपचार के लिए स्थानीय चिकित्सक डॉ. सतपति के पास ले जाया गया। हालांकि जांच के बाद चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत्युंजय सिंह के निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। घटना की सूचना मिलने पर मुसाबनी पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को मुसाबनी अनुमंडल अस्पताल ले गई। वहां चिकित्सकीय जांच के उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इस घटना का सबसे मार्मिक पक्ष यह है कि जिन पत्नी और बेटी को उन्होंने कुछ घंटे पहले ही रेलवे स्टेशन पर विदा किया था, उन्हें शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि वह उनकी अंतिम मुलाकात होगी। पति की मौत की सूचना मिलने के बाद उनकी पत्नी को तत्काल जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि वे अपनी यात्रा बीच में छोड़कर वापस मुसाबनी लौट रही हैं। उनके पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।
मृत्युंजय सिंह अपने पीछे पत्नी और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। उनकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक जिम्मेदार पत्रकार, सरल स्वभाव के व्यक्ति और समाज के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में उनकी पहचान थी। उनके निधन की खबर मिलते ही पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और परिचितों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।





