चमोली टनल हादसे में झारखंड के श्रमिक फंसे, सीएम सोरेन ने संभाला मोर्चा

चमोली टनल हादसे में झारखंड के श्रमिक फंसे, सीएम सोरेन ने संभाला मोर्चा

रांची। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग में हुए हादसे में झारखंड के खूंटी, गुमला सहित अन्य जिलों के कुछ श्रमिकों के फंसे होने की सूचना है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की।

सीएम धामी ने उन्हें सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने का भरोसा दिया है। चमोली के पीपलकोटी क्षेत्र में विष्णुगढ़-पीपलकोटी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम पानी और मलबा अचानक भर जाने से कई श्रमिक फंस गए। हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और अन्य राहत-बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि निर्माणाधीन सुरंगों में बार-बार हादसे और श्रमिकों के फंसने की खबरें चिंता पैदा करती हैं। सीएम सोरेन ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्रकृति और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम बार-बार सामने आ रहे हैं।

 मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन लोगों से भी अपील की है, जिनके परिजन या परिचित चमोली की परियोजना में काम करने गए हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि संबंधित लोग राज्य सरकार के कंट्रोल रूम से संपर्क कर श्रमिकों के संबंध में उपलब्ध जानकारी साझा करें। 

 राज्य सरकार ने इसके लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-3456-526 जारी किया है। इसके अलावा 9470132591, 9431336472 और 9431336427 पर व्हाट्सऐप के जरिए भी जानकारी दी जा सकती है। सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार उत्तराखंड प्रशासन के लगातार संपर्क में है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

 उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार झारखंड के श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

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