होमगार्ड जवानों के मानदेय को लेकर दुलाल भुईयां ने उठाए सवाल
पूर्वी सिंहभूम। जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कार्यरत बोड़ाम थाना क्षेत्र निवासी होमगार्ड जवान फूलकुमारी की आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दुलाल भुईयां ने शनिवार को झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण फूलकुमारी गंभीर बीमारी का समुचित इलाज भी नहीं करा पा रही हैं।
शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में भुईयां ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं और आदिवासी हितों की बात करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि आदिवासी समाज की महिलाएं और कर्मचारी अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष करने को विवश हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि एक आदिवासी महिला कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है, तो यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
दुलाल भुईयां ने कहा कि फूलकुमारी उनके विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं, इसलिए वे उनकी पीड़ा को निकट से समझते हैं।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि फूलकुमारी सहित सभी होमगार्ड जवानों, संविदाकर्मियों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का लंबित मानदेय अविलंब जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर मेहनताना मिलना कर्मचारियों का अधिकार है, इसे किसी प्रकार का एहसान नहीं माना जा सकता।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार को केवल बड़े-बड़े दावे करने के बजाय जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि उन्हें इलाज, परिवार के भरण-पोषण और दैनिक आवश्यकताओं के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।-





