सीएसआर का सराहनीय कदम, 226 विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक निशुल्क पहुंचाया
पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले में कक्षा आठवीं की प्री-बोर्ड परीक्षा को देखते हुए गुवा सेल प्रबंधन और टाटा स्टील नोवामुंडी ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत विद्यार्थियों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई। इस पहल के तहत कुल 226 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित रूप से चाईबासा स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए चार वाहनों की व्यवस्था की गई।
गुवा सेल प्रबंधन ने दो बसें उपलब्ध कराईं, जबकि टाटा स्टील नोवामुंडी ने एक बस और एक विंगर वाहन उपलब्ध कराया। इन वाहनों के माध्यम से मिडिल स्कूल गुवा, राजकीय मध्य विद्यालय गुवासाई तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय नुईया के विद्यार्थियों को चाईबासा स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया। तीनों विद्यालयों का प्री-बोर्ड परीक्षा केंद्र चाईबासा निर्धारित होने के कारण विद्यार्थियों के आवागमन को लेकर चिंता बनी हुई थी, जिसे दोनों संस्थानों की संयुक्त पहल से दूर कर दिया गया।
इस परिवहन व्यवस्था को साकार करने में पूर्व सांसद गीता कोड़ा, नोवामुंडी भाग-1 की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी तथा झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा पश्चिमी पंचायत की मुखिया पद्मिनी लागुरी, पूर्वी पंचायत की मुखिया चांदमनी लागुरी, बाल अधिकार मंच के पदमा केसरी और एस्पायर संस्था के कृष्णा गोप ने भी समन्वय स्थापित कर इस पहल को सफल बनाने में सहयोग दिया।
मंगलवार सुबह सभी विद्यार्थी निर्धारित समय पर बसों और विंगर वाहन में सवार होकर चाईबासा के लिए रवाना हुए। इस दौरान जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, जेएसएलपीएस की जेंडर सीआरपी गीता देवी एवं ममता देवी, संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
अभिभावकों और शिक्षकों ने गुवा सेल प्रबंधन, टाटा स्टील नोवामुंडी तथा इस अभियान से जुड़े जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित ढंग से परीक्षा केंद्र पहुंचने में मदद मिली। इससे वे पूरी एकाग्रता और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सके। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय प्रयास बताया।





