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फतेहाबाद में नहर टूटी, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

फतेहाबाद में नहर टूटी, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

फतेहाबाद। जिले के भट्टू ब्लॉक के अंतर्गत पडऩे वाले गांव खाबड़ा कलां और सूली खेड़ा के बीच उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब तडक़े अचानक खेड़ी माइनर नहर टूट गई। नहर की पटरी में करीब 20 फीट का चौड़ा कटाव आने से लाखों क्यूसेक पानी तीव्र गति से आसपास के खेतों में जा घुसा। महज कुछ ही घंटों के भीतर सैकड़ों एकड़ में लहलहा रही नरमा-कपास और मक्का की फसलें जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गई।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार सुबह करीब 6 बजे घटित हुआ। उस समय अधिकांश किसान अपने घरों में ही थे। जब तक किसान मौके पर पहुंचते और स्थिति को संभालते, तब तक पानी का तेज बहाव खेतों को अपनी आगोश में ले चुका था। नहर के उफान और जलभराव के कारण स्थानीय किसान रण सिंह, कुलदीप, ओमप्रकाश बेनीवाल तथा कुलदीप सहित दर्जनों अन्नदाताओं के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए।

 प्रभावित किसानों का कहना है कि नरमा की फसल इस समय अपनी बढ़वार पर थी। खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाने से पौधों की जड़ें गल जाएंगी और पूरी फसल काली पडक़र नष्ट हो जाएगी। इससे किसानों को लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। घटना की सूचना मिलते ही खाबड़ा कलां और सूली खेड़ा के सैकड़ों ग्रामीण व किसान मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत दूरभाष पर हादसे की जानकारी दी। मौके पर मौजूद किसानों ने विभाग पर नहरों की समय पर मरम्मत न करने और नियमित गश्त न करने का आरोप लगाते हुए गहरा रोष व्यक्त किया।

 पीड़ित किसानों व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की है कि प्रशासनिक व राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचकर जलमग्न हुई फसलों का निष्पक्ष निरीक्षण करें। बर्बाद हुई नरमा व मक्का की फसल का उचित आंकलन कर पीड़ित किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा प्रदान किया जाए।

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