नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यूजक्लिक वेबसाइट और इसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को विदेशों से मिले धन के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज मामलों को निरस्त कर दिया है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने कहा कि न्यूजक्लिक और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दर्ज मामले शक्तियों का दुरुपयोग है। उच्चतम न्यायालय ने 15 मई, 2024 को प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए रिहा करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने 7 जुलाई, 2021 में उच्च न्यायालय ने ईओडब्ल्यू के मामले में प्रबीर पुरकायस्थ औऱ प्रांजल पांडेय को अंतरिम जमानत दी थी। ईओडब्ल्यू ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज की थी। पुरकायस्थ पर आरोप था कि उनकी कंपनी पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में अमेरिका की कंपनी वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स कंपनी से 9 करोड़ 59 लाख रुपये की एफडीआई हासिल की। ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि ये एफडीआई कानून का उल्लंघन कर हासिल की गई।
उच्चतम न्यायालय ने इस तथ्य पर गौर किया था कि प्रबीर पुरकायस्थ की हिरासत लेते वक्त उनके वकील को हिरासत की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार करते वक्त गिरफ्तारी की लिखित वजह भी नहीं बताई गई। प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर, 2023 को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।





