खेलों के विकास की नई पहल, रायपुर में आज पहला स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव

खेलों के विकास की नई पहल, रायपुर में आज पहला स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव

-उप मुख्यमंत्री अरुण साव कॉन्क्लेव का करेंगे शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास की दिशा तय करने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल के तहत राज्य का पहला स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव आज मंगलवार को राजधानी रायपुर में आयोजित होगा। देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नीति-निर्माता और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एक मंच पर जुटकर खेल अधोसंरचना, प्रतिभा पहचान, प्रशिक्षण व्यवस्था और राज्य की दीर्घकालिक खेल नीति पर व्यापक मंथन करेंगे।

राजधानी स्थित कोर्टयार्ड-बाय-मेरियट होटल में आयोजित इस कॉन्क्लेव का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव सुबह 11 बजे करेंगे। उद्घाटन सत्र में वे 'लीडरशिप, खेल प्रोत्साहन एवं प्रतिभा पहचान' विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर किरण पिस्दा, तैराक अनुष्का भगत तथा एथलीट लकी मरकाम भी मंच साझा करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शाम के सत्र में शामिल होकर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में छत्तीसगढ़ के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगे। इसे राज्य में खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दिनभर चलने वाले सात विषयगत सत्रों में भारत के अगले ओलंपिक चैंपियनों की तैयारी', खेलों के विकास के संभावित मार्ग, खेल महासंघों एवं संघों की भूमिका, खेल विज्ञान के माध्यम से प्रदर्शन में सुधार, खेल अधोसंरचना एवं अकादमियों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप, खेलो इंडिया मिशन तथा छत्तीसगढ़ की पदक रणनीति और राज्य खेल नीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श होगा। समापन सत्र में विशेषज्ञों के सुझावों और निष्कर्षों को साझा किया जाएगा, जिन्हें राज्य की भावी खेल नीति और कार्ययोजना का आधार बनाया जाएगा।

कॉन्क्लेव में मुख्य वक्ता के रूप में ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनालिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन तथा खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि यह स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित होगा। खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल विज्ञान, सुदृढ़ अधोसंरचना और प्रभावी खेल नीति के माध्यम से प्रदेश में खेल संस्कृति को नई गति देने का प्रयास किया जाएगा।

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