नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के निहाल विहार इलाके में 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने इस वारदात के लिए उसके ससुराल पक्ष के लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए हत्या का आरोप लगाया है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान विनय की पत्नी ने घर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे।
विनय की मां ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनकी बहू ने अपने भाइयों को घर बुलाया था।
उनके मुताबिक, परिवार को लगा कि रिश्तेदार आए हैं और वे उनके लिए पानी की व्यवस्था कर रहे थे, लेकिन आरोप है कि घर पहुंचते ही उन लोगों ने विनय के साथ मारपीट शुरू कर दी।
मां का दावा है कि आरोपियों ने विनय के हाथ पकड़े, उसका गला दबाया, उसकी छाती पर कूदे और मेरी आंखों के सामने ही पांच मिनट के भीतर उसे मार डाला।
जब मैं उसे बचाने दौड़ी, तो उन्होंने मुझे पीटा; जब उसके पिता उसे बचाने दौड़े, तो उन्होंने उसके पिता पर भी हमला किया। मेरी आंखों के सामने सब कुछ अंधेरा हो गया। घर में हमारे अलावा कोई और नहीं था। उसने सीसीटीवी कैमरे बंद करवा दिए थे।
मृतक की बहन ने कहा कि मैं अपने ससुराल में थी।
घर पर मेरे माता-पिता और भाई अकेले थे। सुबह किसी बात पर उनकी बहस हुई और वह गुस्से में घर से निकल गईं। सिर्फ 10 मिनट के अंदर ही वह अपने परिवार के छह लोगों के साथ वापस आ गईं। वह उन्हें ऊपर ले गईं। मेरी मां उन्हें पानी देने की तैयारी कर रही थीं, यह सोचकर कि मेहमान आए हैं।
लेकिन उन्होंने पानी लेने से मना कर दिया, मेरे भाई के बाल पकड़कर उसका गला दबाया और उसकी हत्या कर दी। घर से निकलने से पहले, उन्होंने जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे। यह पूरी तरह से पहले से तय साजिश थी। उनके भाई सिर्फ 10 मिनट में पहुंच गए, जबकि उनका घर आधे घंटे की दूरी पर है।
सब कुछ पहले से ही प्लान किया गया था।
विनय गुप्ता की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी और उनके जुड़वां बच्चे हैं। वह नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।





