फरीदाबाद में साइबर अपराधियों पर शिकंजा, सात आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद में साइबर अपराधियों पर शिकंजा, सात आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद,। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने शुक्रवार को साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में तीन महिलाओं सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस प्रवक्ता अनुसार सेक्टर-9, फरीदाबाद की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को बताया कि 16 जुलाई 2026 को उनके टेलीग्राम पर एक चैनल का विज्ञापन आया, जिसमें न्यूनतम तीस हजार रुपए निवेश करने पर तीन गुना मुनाफा देने का दावा किया गया था।

 विज्ञापन के झांसे में आकर महिला ने यूपीआई के माध्यम से तीस हजार रुपए ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद आरोपियों ने ट्रेडर्स क्लब के नाम से एक फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर निवेश राशि को लगभग एक लाख 88 हजार रुपए दिखाया। रकम निकालने के लिए पहले रिटर्न चार्ज के नाम पर 56 हजार 691.50 और बाद में जीएसटी के नाम पर 52 हजार 911 रुपए जमा करा लिए। 

इसके बावजूद जब शिकायतकर्ता ने अपनी राशि वापस मांगी तो ठगो ने अकाउंट चार्ज के नाम पर 57 हजार रुपए और जमा कराने की मांग की। तब उसे अपने साथ साइबर ठगी होने का अहसास हुआ। जांच के दौरान साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने राजस्थान के बूंदी निवासी अखिलेश तथा चिरंजीलाल को बूंदी से काबू किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों बूंदी में एक बैंक के लिए रिकवरी एजेंट का कार्य करते हैं। अखिलेश ने अपने एक दोस्त के माध्यम से चिरंजीलाल का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, खाता में ठगी के 52 हजार 911 रुपए प्राप्त हुये थे। 

आरोपी चिरंजीलाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, वहीं अखिलेश को आगे की पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं एक अन्य मामले में सेक्टर-9, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसका संपर्क एक ऑनलाइन लोन कंपनी से हुआ, जिसने उन्हें 15 लाख का लोन दिलाने का भरोसा दिया। ठगों ने पहले रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 599 जमा कराए। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, बैंक चार्ज और इंश्योरेंस आदि के नाम पर अलग-अलग किश्तों में उससे कुल 38 हजार रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिये। जब उसने लोन जारी करने की बात कही तो ठग लगातार नए-नए शुल्क की मांग करते रहे, जिससे उसे अपने साथ साइबर ठगी का एहसास हुआ। 

मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने राजस्थान निवासी तीन महिलाओं सहित श्रीगंगानगर राजस्थान निवासी राजेन्द्र सिंह तथा मोहित स्वामी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मोहित स्वामी अपने घर से ही एक अवैध कॉल सेंटर संचालित करता था।

 उसने तीनो महिलाओं व राजेन्द्र सिंह को वेतन पर कॉलिंग का काम दे रखा था। जिन्होंने शिकायतकर्ताओं को फोन कर लोन दिलाने का झांसा दिया और विभिन्न शुल्कों के नाम पर ठगी की रकम वसूली। तीनों महिलाओं और राजेन्द्र सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि मुख्य आरोपी मोहित स्वामी को पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

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