अहमदाबाद। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने शुक्रवार को कहा कि उसने आंध्र प्रदेश में 8,500 करोड़ रुपए का एक अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट जीता है। इसके जरिए विजाग इलाके में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स को बिजली आपूर्ति की जाएगी। इनकी मांग करीब 4,500 गीगावाट होने की उम्मीद है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, "विजाग ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट भारत की अगली पीढ़ी की औद्योगिक वृद्धि के लिए एनर्जी बैकबोन बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह आंध्र प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया क्षमता के विकास में मदद करेगा, साथ ही पेंडुर्थी-विजाग क्षेत्र में उभरती डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग के लिए ग्रिड को भी मजबूत करेगा।
बड़े पैमाने पर एआई और हाइपरस्केल डेटा सेंटर के विकास, योजनाबद्ध सबसी कनेक्टिविटी और उससे जुड़े लॉजिस्टिक्स, क्लीन एनर्जी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण विजाग तेजी से भारत के नए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में से एक के रूप में उभर रहा है।
पटेल ने कहा कि जैसे-जैसे भारत एक साफ-सुथरी और टेक्नोलॉजी पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, "एईएसएल ऐसे मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास को संभव बना सकें।
यह प्रोजेक्ट पेंडुर्थी-विजाग इलाके में बढ़ती बिजली की मांग को भी पूरा करेगा, जहां डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश हो रहा है। इसे 'विजाग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' नाम की स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) के तहत बनाया जाएगा।
एईएसएल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से वह 1,582 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें और 10,500 एमवीए ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जोड़ेगी, जिससे उसका कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क 29,531 सीकेएम और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,33,675 एमवीए हो जाएगी। एईएसएल देश की सबसे बड़ी प्राइवेट ट्रांसमिशन कंपनी है।
जैसे-जैसे इस इलाके में ग्रीन मॉलिक्यूल (ग्रीन हाइड्रोजन) का उत्पादन और डेटा सेंटर बढ़ रहे हैं, बिजली की उपलब्धता, ग्रिड की स्थिरता और लंबे समय तक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए भरोसेमंद और अधिक क्षमता वाला ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरूरी होगा।





