वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी तथा सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति भी जुड़े हुये थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज राज्य के 1 करोड़ 1 लाख 33 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में 1157 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन दिवस के इस अवसर पर सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को बधाई एवं शुभकामनायें देता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिये राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये की गयी। हमलोगों की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में प्रत्येक महीने की 10 तारीख को राशि हस्तांतरित कर दी जायेगी। यह सरकार की पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीक आधारित जनकल्याणकारी व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमलोगों की सरकार गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग एवं समाज के वंचित वर्गों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र लाभार्थी छूटे नहीं। उन्होंने कहा कि पेंशन वितरण समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से होता रहे ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को सम्मानपूर्वक सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किये जाने से लोगों के जीवन में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के 1 करोड़ 70 लाख परिवारों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इसके लिये 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी राज्य सरकार की तरफ से खर्च की जा रही है। गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों की सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, समाजिक सुरक्षा की निदेशक डॉ प्रीति सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति एवं लाभार्थीगण जुड़े हुये थे।





