उन्होंने बताया कि उन्होंने 01 अप्रैल 2026 को ही किस्त पर नया ई-रिक्शा खरीदा था, जिस कारण उसका रजिस्ट्रेशन नंबर 08 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुआ। पीड़ित के अनुसार, रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद वह सभी आवश्यक कागजात के साथ थाना पहुंचे और दस्तावेज जमा किए। इसके बाद मौजूद पदाधिकारी ने उन्हें चाबी देते हुए थाना परिसर से वाहन लाकर फोटो खिंचवाने और 500 रुपये चालान जमा करने का निर्देश दिया। इफ्तेखार आलम ने बताया कि जब वह अपने ई-रिक्शा के पास पहुंचे और स्टार्ट करने की कोशिश की तो वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। जांच करने पर उन्होंने पाया कि उनके नए ई-रिक्शा का कंट्रोलर किसी ने नोचकर निकाल लिया है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना संबंधित पदाधिकारी को दी, जिसके बाद उन्हें आवेदन देने की सलाह दी गई।पीड़ित ने बताया कि वह बेहद गरीब हैं और ई-रिक्शा किस्त पर खरीदा है। वाहन नहीं चलने की स्थिति में उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और बैंक किस्त जमा करने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि घटना पुलिस अभिरक्षा में हुई है, जो बेहद चिंताजनक है। मो. इफ्तेखार आलम ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनके ई-रिक्शा का कंट्रोलर वापस दिलाने की मांग की है, ताकि वह फिर से वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।हिन्दुस्थान समाचार/धर्मेन्द्र सिंह
पुलिस अभिरक्षा में खड़े ई-रिक्शा से कंट्रोलर चोरी, पीड़ित ने एसपी से लगाई गुहार
किशनगंज। पुलिस अभिरक्षा में खड़े एक ई-रिक्शा से कंट्रोलर चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में गुरुवार को पीड़ित मो. इफ्तेखार आलम ने पुलिस अधीक्षक किशनगंज को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, लाईन मोहल्ला निवासी मो. इफ्तेखार आलम ने बताया कि दिनांक 05 अप्रैल 2026 को ट्रैफिक पुलिस ने नंबर प्लेट नहीं होने के कारण उनका ई-रिक्शा जब्त कर लिया था।










