पटना भाजपा ऑफिस में फाड़े गए 'सम्राट सरकार' के पोस्टर
फाड़ने से एक घंटे पहले ही लगा था बैनर, भाजपा बोली- हमें नहीं पता किसने लगाया
पटना । पटना में भाजपा कार्यालय के बाहर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सीएम बनाने की मांग वाला पोस्टर लगा था। पोस्टर लगने के मात्र 1 घंटे बाद ही उसे फाड़ दिया गया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर हटाए। भाजपा कार्यालय के बाहर वाल्मीकि समाज संघ की ओर से यह पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें सम्राट चौधरी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग की गई थी। पोस्टर लगने के कुछ ही समय बाद कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिया।
भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि पार्टी को इस पोस्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पोस्टर किसने लगाया और किसने फाड़ा, इसकी जानकारी भाजपा को नहीं है। यह किसी बाहरी व्यक्ति का काम हो सकता है और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।भाजपा एक बड़ी और अनुशासित पार्टी है, जहां किसी भी बड़े फैसले जैसे मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय करने का निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाता है।
पोस्टर फाड़े जाने की घटना के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि भाजपा में सम्राट चौधरी की सीएम दावेदारी को लेकर मतभेद उभर रहे हैं। एक ओर जहां कुछ वर्ग उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए मजबूत दावेदार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह के पोस्टरों का विरोध पार्टी के अंदरूनी मतभेद को उजागर कर रहे है।
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि पोस्टर बेजीपी के कर्मचारी से फड़वाया गया है। बीजेपी में कितना अंतर कलह है आज ये सामने आ गया है। पोस्टर फाड़ा जाना ये संकेत है कि पिछड़ा वर्ग का नेतृत्व नहीं चाहिए।भाजपा ने सम्राट चौधरी को बता दिया कि आप डिप्टी सीएम हो या गृह मंत्री हों पिछड़ा वर्ग की राजनीत करते हो इसलिए आपको स्वीकार नहीं करते।












