"आज झारखंड के लिए एक बड़ी जीत है। हालांकि मैं अभी अपना प्रोटेस्ट रोक रहा हूं, लेकिन सुधार के लिए मेरी लड़ाई जारी रहेगी। मैं एक ऐसे एजुकेशन सिस्टम की कल्पना करता हूं जहां पेपर लीक और गड़बड़ियां न हों।"
24 दिनों से चल रहे झारखण्ड छात्र आंदोलन के आगे आखिरकार राज्य सरकार को झुकना पड़ा। बता दें यह आंदोलन झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में अनियमिताओं को लेकर शुरू किया गया था। जिसकी शुरुवात छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने की थी। जिसके बाद झारखण्ड की राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों की मुख़्य मांग को मानते हुए जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अबतक के JSSC-CGL एग्जाम और TDPL के सभी एग्जाम कैंसिल करने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद रांची के सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा , "झारखंड सरकार द्वारा इतना बड़ा निर्णय लेने का जो साहस दिखाया गया है, उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। यह कोई आसान फैसला नहीं था, क्योंकि जेएसएससी सीजीएल की भर्ती प्रक्रिया लगभग नियुक्ति के चरण तक पहुंच चुकी थी और कई लोग अपनी सीट भी पक्की कर चुके थे, पर फिर भी छात्रों के हित और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने यह साहसिक कदम उठाया।"
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि फ़िलहाल प्रथम चरण सफल रहा। इसके साथ ही उन्होंने ये सवाल उठाया है कि 14 परीक्षाएं तो रद्द कर दी गयी है, पर ये कब होंगी और इसकी क्या गारंटी है कि दोबारा पेपर लीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती, सरकार को आने वाले समय में कभी पेपर लीक न होने की पूरी गारंटी देनी होगी। साथ ही शिक्षा के सुधार पर जोर देते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि एजुकेशन रिफॉर्म को प्रॉफिट का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। वो चाहते हैं कि एक ऐसी मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाना चाहिए जो हर कदम पर पूरी शिक्षा प्रक्रिया की अपनी निगरानी रखे। उन्होंने साफ कहा है कि भूख हड़ताल खत्म हुई है, आंदोलन नहीं। जब तक पूरी तरह शिक्षा प्रणाली में सुधार नहीं हुआ तब तक ये संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने इस आंदोलन से जुड़ने वाले हर वर्ग के लोगों को धन्यवाद दिया। साथ ही विशेष रूप से झारखंड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मंत्री दीपिका पांडेय, विधायक इरफान अंसारी, साथी छात्रों, मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।