दुमका, संथाल परगना के तीन लोकसभा सीटों पर एक जून को मतदान होना
है। चुनाव की तारीखे जैसे-जैसे करीब आ रही है। वहीं आरोप-प्रत्यारोप से
संथाल परगना की राजनीतिक तपिश भी बढ़ती जा रही है। अब गोड्डा लोकसभा सीट से
इंडी गठबंधन के तहत कांग्रेस प्रत्याशी एवं पोडैयाहाट विधायक प्रदीप यादव
ने भाजपा प्रत्याशी एवं सांसद डॉ निशिकांत दुबे पर नामांकन में जानकारी
छुपाने का आरोप लगाया है। प्रदीप यादव ने मामले में चुनाव आयोग से कार्रवाई
की मांग करते हुए निशिकांत दुबे का नामांकन रद्द करने की मांग की है।
इस
मामले में प्रदीप यादव ने गोड्डा के जिला निर्वाची पदाधिकारी सह उपायुक्त
से शिकायत की है। वहीं मनी लोंड्रिग मामले में इडी द्वारा गिरफ्तार राज्य
के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के मामले में प्रदीप यादव ने कहा कि
देश में जितनी गिरफ्तारियां हो रही है। सब गिरफ्तारी का एक ही पार्ट है कि
देश में एक ऐसा माहौल बनाया जाए कि लगे कि गठबंधन पूरी तरह से भ्रष्टाचार
में संलिप्त है और भाजपा पूरी तरह दूध की धुली हुई है। प्रदीप यादव ने कहा
कि यह सब दांव उल्टा पड़ेगा। दुमका के एमपी एमएलए की विशेष कोर्ट में
गुरुवार को एक मामले में पेशी के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदीप यादव
ने कहा कि निशिकांत दुबे ने क्रिमिनल केस से जुड़ी दो मामलों का अपने
नामांकन में जिक्र नहीं किया है।
दुष्कर्म के प्रयास समेत दो मामले में विधायक प्रदीप यादव न्यायालय में हुई पेशी
कांग्रेस
के पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव की छेड़खानी समेत अन्य दो मामले में
गुरुवार को पेशी हुई। विधायक की पेशी दो अलग-अलग मामले में तृतीय अपर जिला
एवं सत्र न्यायाधीश सह एमपी एमएलए के विशेष न्यायाधीश राजेश सिन्हा के
न्यायालय में हुई। दोनों मामले गवाही के लिए निर्धारित था। लेकिन न्यायालय
में एक भी केस में कोई गवाह अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत नही किया गया।
अगली तिथि 11 जून को निर्धारित हुई। पहला मामला गोड्डा मुफस्सिल थाना में
दर्ज प्राथमिकी 37/17 से संबंधित है। जिसमें अडानी पावर प्लांट के विरोध
में किए गए आंदोलन को लेकर सरकारी संपत्ति नुकसान, धक्का-मुक्की समेत अन्य
आरोपों में दर्ज हुआ था। इसमें प्रदीप यादव, धर्मेन्द्र राय एवं कैलाश मंडल
थे।
वही दूसरा मामला में महिला कार्यकर्ता द्वारा प्रदीप यादव पर
दुष्कर्म का प्रयास के लगाये गये आरोप से जुड़ा है। मामला में देवघर साइबर
थाना कांड संख्या 13/2019 में दर्ज हुआ था। जिसका सेशन ट्रायल 127/21 है।
दुष्कर्म के प्रयास आरोप से जुड़ा यह मामला 20 अप्रैल 2019 का है।उस समय
प्रदीप यादव झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक के महासचिव पद पर काबिज थे।
उसी दौरान उनकी ही पार्टी की एक महिला नेत्री ने होटल में बुलाकर उनसे
दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया था।
भाजपा का दांव पड़ेगा उल्टा : प्रदीप यादव











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