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हाई कोर्ट ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के खिलाफ लोकपाल की कार्यवाही निरस्त की


नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (एनपीसी) की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों के मामले में लोकपाल की ओर से शुरु की गई कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की अध्यक्षता वाली बेंच ने लोकपाल की कार्यवाही को निरस्त करने का आदेश दिया।

दरअसल, 28 मार्च 2023 को एनपीसी की ओर से की गई पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। शिकायत पर गौर करते हुए लोकपाल ने इसी साल जनवरी में राजेश कुमार सिंह को नोटिस जारी किया था। लोकपाल के इस आदेश के खिलाफ राजेश कुमार सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने मार्च में लोकपाल के नोटिस पर रोक लगा दी थी।

उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया था कि एनपीसी की ओर से पदोन्नति की प्रक्रिया राजेश कुमार सिंह के रक्षा सचिव बनने के पहले की है। राजेश कुमार सिंह ने 21 अप्रैल 2023 को प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड विभाग का सचिव पद ज्वाइन किया था। याचिका में कहा गया था कि लोकपाल ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन कर ये आदेश जारी किया था। याचिका में कहा गया था कि लोकायुक्त कानून में ये स्पष्ट प्रावधान है कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत पुख्ता सबूत होने चाहिए, लेकिन लोकायुक्त को मिली शिकायत में प्रमोशन प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी, जो भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत नहीं आता है।

राजेश कुमार सिंह 1989 बैच के केरल कैडर कै आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें एक नवंबर, 2024 को रक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया था।

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