प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में गंगा व यमुना नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। हालांकि मंगलवार सुबह प्रयागराज वासियों के लिए एक अच्छी खबर है कि जल स्तर की वृद्धि अभी थम गई और बीते चौबीस घंटे के दौरान जलस्तर कुछ नीचे खिसका है। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जिलाधिकारी मनीष वर्मा लगातार निगरानी कर रहे हैं। वह रात में अपनी टीम के साथ निरीक्षण करते रहे।
बाढ़ को लेकर लगातार एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और चिकित्सकों टीमें सक्रिय है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी इस आपदा की घड़ी में प्रशासन एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों का पूरा सहयोग करने में जुटे हुए हैं। खतरे के ऊपर बह रही दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि रूक गई है। बीते चौबीस घंटे के दौरान यमुना नदी के नैनी में 85.96 जल स्तर है। यहां 8 सेंटीमीटर जलस्तर कम हुआ है। इसी तरह गंगा के बक्सी बांध एसटीपी के पास जल स्तर बीते चौबीस घंटे में 85.90 मीटर पर आ गया है। यहां भी 8 सेंटीमीटर जलस्तर कम हुआ है। जबकि गंगा के फाफामऊ घाट पर बीते चौबीस घंटे में जलस्तर कम होकर 86.09 मीटर पहुंच गया है। हालांकि मंगलवार को जल स्तर में 6 सेंटीमीटर की वृद्धि देखी गई है। बाढ़ शिविरों में भारी संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरूषों ने शरण लिया है। जिला प्रशासन की टीम लगातार उनके भोजन, पानी एवं दवाएं पहुंचाने में जुटा हुआ है। इसके साथ ही पशुओं के लिए चारे का भी प्रबंध किया जा रहा है।