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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर ममता बनर्जी ने बेटियों के सशक्तिकरण पर दिया जोर


कोलकाता। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए बंगाल और पूरे देश की बेटियों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां समाज के भविष्य की शिल्पकार हैं और बंगाल में बालिकाओं का सम्मान और सशक्तिकरण केवल एक दिन नहीं, बल्कि पूरे वर्ष किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकार जन्म से लेकर शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा तक, जीवन के हर मोड़ पर बेटियों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि यह सफर ‘कन्याश्री’ योजना से शुरू होता है, जिसे लड़कियों की शिक्षा और कल्याण को बढ़ावा देने तथा बाल विवाह को रोकने के लिए शुरू किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के तहत अब तक एक करोड़ से अधिक लड़कियों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

ममता बनर्जी ने ‘सबूज साथी’ योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल दी जाती है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में ‘शिक्षाश्री’, ‘ऐक्यश्री’, ‘मेधाश्री’, ‘तरुणेर स्वप्न’ जैसी योजनाओं के साथ मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, स्कूल यूनिफॉर्म, जूते और मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाएं भी सरकार की ओर से प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह के समय लड़कियों को ‘रूपश्री’ योजना के तहत एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, वयस्क महिलाओं को ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है, जिससे राज्य की 2.21 करोड़ महिलाएं हर महीने सीधे सरकारी सहायता प्राप्त कर रही हैं। इसके साथ ही ‘स्वास्थ्य साथी’ कार्ड के माध्यम से महिलाओं और उनके परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर भी दिया जा रहा है।

अपने संदेश के अंत में ममता बनर्जी ने कहा कि आज बंगाल की बेटियां विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने बेटियों के लिए भयमुक्त, स्वतंत्र और सशक्त वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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