कोलकाता। उत्तर बंगाल में दार्जिलिंग पहाड़ क्षेत्र के कर्सियांग से भाजपा विधायक विष्णुप्रसाद शर्मा गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में पार्टी का झंडा थामकर औपचारिक रूप से सत्तारूढ़ दल की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर मंत्री शशि पांजा और ब्रात्य बसु मौजूद थे।
विष्णुप्रसाद शर्मा पिछले दो वर्षों से भाजपा से नाराज चल रहे थे और कई बार सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ बयान दे चुके थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में दार्जिलिंग सीट से राजू बिष्ट को फिर उम्मीदवार बनाए जाने के विरोध में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा था। इसके बाद से ही पार्टी के साथ उनकी दूरी लगातार बढ़ती गई।
भाजपा के साथ मतभेदों के बावजूद उनका संपर्क राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से बना हुआ था। बीमारी के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने उनके इलाज में भी व्यक्तिगत रूप से मदद की थी। उस समय शुभेंदु ने कहा था कि विष्णुप्रसाद शर्मा पार्टी से नाराज हो सकते हैं, लेकिन वह तृणमूल में नहीं जाएंगे। हालांकि अब उन्होंने तृणमूल में शामिल होकर इस अटकल को गलत साबित कर दिया।
आगामी महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले उनका तृणमूल में शामिल होना भाजपा के लिए झटका माना जा रहा है। उनके जाने से राज्य विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या घटकर 64 रह गई है। राज्यसभा चुनाव में विधायकों के मत के आधार पर ही सांसद चुने जाते हैं, ऐसे में भाजपा की चिंता बढ़ सकती है।
विष्णुप्रसाद शर्मा लंबे समय से अलग गोरखालैंड राज्य के समर्थक रहे हैं। वह अपने करीबी लोगों से कहते थे कि भाजपा ने उन्हें गोरखालैंड के मुद्दे पर धोखा दिया।
सूत्रों के अनुसार, पिछले एक वर्ष से वह विधानसभा में भाजपा के दल कार्यालय में भी नहीं जाते थे और पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे। विधानसभा सत्र के दौरान वह भाजपा विधायकों के साथ बैठते जरूर थे, लेकिन किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेते थे।-
पृथक गोरखालैंड के समर्थक भाजपा विधायक विष्णुप्रसाद शर्मा तृणमूल में शामिल












