प्राप्त जानकारी के अनुसार तृणमूल उम्मीदवार मलय घटक के समर्थन में आयोजित एक चुनावी कार्यक्रम के समाप्त होते ही अचानक एक बेकाबू बस कार्यक्रम स्थल की ओर तेज रफ्तार में घुस आई। बस पर “पश्चिम बंगाल पुलिस” लिखा हुआ था। आरोप लगाये जा रहे हैं कि बस को
सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआइएसएफ) का एक जवान चला रहा था, जो कथित रूप से नशे में था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सीधे कब्रिस्तान की दीवार को तोड़ते हुए आगे बढ़ गई। इसके बाद बस ने रास्ते में मौजूद कई दुकानों, ऑटो और टोटो को टक्कर मार दी जिससे सात साल की मासूम बच्ची समेत कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। गुस्साए स्थानीय लोगों ने मौके पर ही बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हालात इतने बिगड़ गए कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल के जवानों को मौके पर तैनात करना पड़ा।
हादसे की खबर मिलते ही तृणमूल उम्मीदवार मलय घटक भी घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज का भरोसा दिलाया और घटना की निष्पक्ष जांच की बात कही।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह केवल एक लापरवाही का नतीजा है या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस चालक समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। इलाके में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
आसनसोल। आसनसोल के रेलपार इलाके में रविवार शाम हुए एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। यहां एक बेकाबू बस की चपेट में आने से सात साल की बच्ची समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों में से सात की हालत नाजुक बताई जा रही है।








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