एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद से ही गंगाधर दास फरार था। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इससे पहले दास के खिलाफ आनंदपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि शवों या उनके अवशेषों की पहचान के बाद यह मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएनए जांच कराने के लिए बुधवार को अदालत से अनुमति मांगी जाएगी।
मंत्री हकीम ने घटनास्थल का दौरा कर कहा था कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक बरामद शवों की फॉरेंसिक जांच चल रही है और कई लोगों के लापता होने की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। पुलिस के अनुसार, पूर्व मेदिनीपुर जिले के करीब 13 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि गंगाधर दास पूर्व मेदिनीपुर जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के पुर्व छड़ा का निवासी है और पिछले चार दशकों से सजावट के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। घटना के बाद से उसका खेजुरी स्थित आवास बंद पाया गया है।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने स्वीकार किया कि संबंधित इकाई के पास अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मंजूरी नहीं थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “इस यूनिट को कोई फायर सेफ्टी क्लीयरेंस जारी नहीं की गई थी।”
प्रशासनिक अधिकारियों ने लापता लोगों के परिजनों के घरों का दौरा कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। करीब चार बीघा क्षेत्र में फैली इस इकाई में दो सौ के करीब मजदूर काम करते थे और यहां प्लास्टिक फूल, लकड़ी, कपड़ा और फर्नीचर जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का भारी भंडारण था। दमकल विभाग के अनुसार, इन्हीं ज्वलनशील सामग्रियों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैल गई।
कोलकाता। दक्षिण 24 परगना जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र के नाजिराबाद इलाके में स्थित मोमो निर्माण इकाई और गोदाम में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने मंगलवार रात फैक्ट्री मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार कर लिया। इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, आरोपित को कोलकाता के गरिया इलाके से पकड़ा गया और बुधवार को बारुईपुर अदालत में पेश किया जाएगा।

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