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चुनाव 26 : खड़गपुर सदर सीट पर मधुसूदन राय ने जनमुद्दों को बनाया चुनावी एजेंडा


खड़गपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच खड़गपुर सदर सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प होता जा रहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने इस बार अपने पुराने और जुझारू जमीनी नेता मधुसूदन राय को मैदान में उतारकर मुकाबले को जनमुद्दों की ओर मोड़ दिया है। इससे पहले कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना प्रत्याशी 2011 में उतारा था, लेकिन उसके बाद 2016 और 2021 का चुनाव गठबंधन के तहत लड़ा गया था। सुभासपल्ली (वार्ड संख्या 19) के निवासी मधुसूदन राय आगामी चार तारीख को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

खड़गपुर की मिट्टी में जन्मे और पले-बढ़े मधुसूदन राय की शिक्षा खड़गपुर रेलवे बॉयज स्कूल से हुई है। कॉमर्स स्नातक राय अपने कॉलेज के दिनों में एसएफआई के नेता के रूप में उभरे थे। वे एक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं; उनके पिता स्वर्गीय प्रिय कुमार राय क्षेत्र के प्रसिद्ध रवींद्र संगीत शिक्षक थे। हालांकि राय पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन 2015 के नगरपालिका चुनाव (वार्ड सात) में उन्होंने वर्तमान तृणमूल चेयरपर्सन को कड़ी टक्कर देकर अपनी जमीनी पकड़ साबित की थी।

मधुसूदन राय से गुरुवार सुबह बातचीत में क्षेत्र की उन समस्याओं को उजागर किया जो दशकों से अनसुलझी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से खड़गपुर की जनता विशुद्ध पेयजल के लिए तरस रही है। उन्होंने बताया कि मेरा मुख्य लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाना है। राय ने औद्योगिक प्रदूषण को खड़गपुर के भविष्य (बच्चों) के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने वादा किया कि वे विभिन्न पार्टियों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे, ताकि जहरीली हवा से जनता को निजात मिल सके।

इंदा, गोलबाजार और सुभाषपल्ली जैसे इलाकों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की बात करते हुए उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की योजना बताई। साथ ही उन्होंने कहा कि खड़गपुर नगरपालिका को नगर निगम में तब्दील किया जाना चाहिए, ताकि शहर का विकास तेज गति से हो सके। रेलवे मार्केट को व्यवस्थित कर व्यापारियों और ग्राहकों को आधुनिक सुविधाएं दिलाने का भी उन्होंने वादा किया।

भाजपा के भारी-भरकम उम्मीदवार दिलीप घोष के बारे में पूछने पर राय ने स्पष्ट किया कि हम किसी व्यक्ति विशेष को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते। हमारे अपने एजेंडे हैं और हम धर्म को हथियार बनाकर राजनीति नहीं करते। वहीं, पूर्व चेयरमैन और विधायक तृणमूल प्रत्याशी प्रदीप सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब जनता ने आपको मौका दिया था, तब आपने कार्य क्यों नहीं किया? अब जनता हिसाब मांग रही है।

जहां अन्य दल रैलियों और तमाशे में व्यस्त हैं, वहीं मधुसूदन राय ने 'जनसंपर्क' को अपनी ताकत बनाया है। वे अपने समर्थकों के साथ घर-घर जाकर अपनी योजनाओं को साझा कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इस सीट पर मुकाबला दो पूर्व विधायकों (दिलीप घोष और प्रदीप सरकार) बनाम एक नए और शिक्षित चेहरे (मधुसूदन राय) के बीच है, जिसने खड़गपुर सदर के चुनावी समीकरणों को रोमांचक बना दिया।

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