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बंगाल : चुनाव आयोग ने एसएससी अधिकारियों को विधानसभा चुनाव ड्यूटी से दी छूट


कोलकाता। चुनाव आयोग ने राज्य में चल रही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के उन अधिकारियों को विधानसभा चुनाव से संबंधित ड्यूटी से छूट दे दी है, जो भर्ती प्रक्रिया में लगे हुए हैं।

अदालत के सूत्रों के अनुसार, इस कदम की सराहना करते हुए न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कहा कि 2025 में 26 हजार एसएससी नौकरियों के रद्द होने के बाद शुरू की गई नई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अब बाधित नहीं होगी।

जानकारी के मुताबिक एक मार्च को स्कूल सेवा आयोग के लगभग 24 अधिकारियों को मतदान अधिकारी के रूप में नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इसके बाद 25 मार्च को एसएससी को कोलकाता उच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा।

एसएससी के वकील ने अदालत को बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार 31 अगस्त तक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी करना संभव होगा या नहीं, इस पर संशय था। आयोग ने बताया कि उसके कुल 35 कर्मचारी ही पूरे कामकाज और भर्ती प्रक्रिया को संभाल रहे हैं। इनमें से 24 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में भेजे जाने से केवल 11 कर्मचारी ही बचे थे।

आयोग ने अदालत को यह भी बताया कि वर्तमान में शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की भर्ती के लिए साक्षात्कार चल रहे हैं। ऐसे में यदि कर्मचारियों को वापस नहीं लाया जाता तो उच्चतम न्यायालय द्वारा तय 31 अगस्त की समय सीमा के भीतर भर्ती पूरी करना संभव नहीं होता।

संस्था ने यह भी दलील दी कि एसएससी एक स्वायत्त संगठन है और उसके कर्मचारी भी उसी के अधीन कार्यरत हैं, इसलिए उन्हें चुनाव कार्य के लिए नहीं लिया जाना चाहिए।

बाद में चुनाव आयोग ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को सूचित किया कि चुनाव कार्य के लिए नियुक्त एसएससी के 24 अधिकारियों को मुक्त कर दिया गया है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने एक अप्रैल को ही उनके मतदान अधिकारी के दायित्व से मुक्त किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद न्यायमूर्ति कृष्ण राव की पीठ ने मामले का निपटारा कर दिया।

उल्लेखनीय है कि एसएससी भर्ती भ्रष्टाचार मामले में उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2025 में 25 हजार 753 शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की नौकरियां रद्द कर दी थीं और कक्षा नौ से 12 तक के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था। अदालत ने एसएससी को इस वर्ष 31 अगस्त तक नई भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। पहले यह समय सीमा मार्च तक तय की गई थी।

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