चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से एसएसटी और पुलिस द्वारा लगातार नाका जांच की जा रही है, जिसमें नशा तस्करी के कई मामलों का खुलासा हो रहा है। पुलिस का मानना है कि तस्कर बसों के जरिए बड़े पैमाने पर नशे की खेप इलाके में ला रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिना पुख्ता जानकारी के हर बस और हर यात्री के सामान की जांच करना संभव नहीं होता, क्योंकि इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है और समय भी अधिक लगता है। तस्कर इसी का फायदा उठा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कल के दिनों में एसएसटी की टीम ने गंजे तथा ड्रग्स के कई खेप पकड़ी है। जिसमें पांच अप्रैल को आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के जुबली मोड़ पर 22.4 किलो गांजा बरामद किए गए, कोई गिरफ्तारी नहीं। 26 मार्च को जुबली मोड़ पर बस से 10 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किए गए। 26 मार्च को आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र में दो किलो गांजा बरामद, कोई गिरफ्तारी नहीं। 25 मार्च को हाटन रोड इलाके से 33.8 ग्राम हेरोइन के साथ दो लोग गिरफ्तार। सात मार्च को कुल्टी थाना क्षेत्र के चौारंगी मोड़ पर 100 ग्राम हेरोइन सहित चार लोग गिरफ्तार किए गए।
एसएसटी मजिस्ट्रेट रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि तस्कर झारखंड से बसों के माध्यम से नशे की खेप शिल्पांचल क्षेत्र में ला रहे हैं। चुनाव के बाद भी विभिन्न नाकों पर स्निफर डॉग की मदद से जांच अभियान चलाया जाएगा।
आसनसोल। आसनसोल में चुनाव के दौरान नशा तस्करी के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिससे पुलिस भी हैरान है। रविवार शाम जुबली मोड़ पर एसएसटी (स्टैटिक सर्विलांस टीम) की नाका जांच के दौरान बोकारो से आ रही एक बस की तलाशी के दौरान बस से दो लावारिस बैग बरामद हुए। बैग खोलने पर उनमें गांजा पाया गया, जिसका कुल वजन 22.4 किलो था। पुलिस ने गांजा जब्त कर लिया, लेकिन इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।








.jpeg)




