दालमंडी में मंगलवार को 50 से ज्यादा दुकानें खुलीं और दुकानदारों ने अपना व्यापार आरंभ किया। चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर दुकानदारों के माथे पर अभी कोई सिकन नहीं है। उनका कहना है कि जिन दुकानों की रजिस्ट्री हुई हैं, उन्हें तोड़ा जा रहा है। उनके दुकान का नंबर आने में काफी वक्त लगने वाला है।
दुकानदार अल्ताफ ने कहा कि वाराणसी का जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग का बुलडोजर बीच-बीच में हवा बनाने के लिए दालमंडी आता है और थोड़ा बहुत तोड़फोड़ कर फोटो खिंचवाकर चला जाता है। लोक निर्माण विभाग अभी उन्हीं मकान को तोड़ने में व्यस्त है, जिनकी रजिस्ट्री हो चुकी हैं। इससे यह स्पष्ट है कि लंगड़ा हाफिज मस्जिद के पीछे गली में बुलडोजर कार्रवाई होने में समय लगेगा।
दालमंडी में कपड़े की दुकान के कर्मचारी अहमद की मानें तो चौड़ीकरण में उनकी अपनी दुकान नहीं आती है। दालमंडी चौड़ीकरण में जितनी दुकान टूटनी हैं, उस सूची में उनकी दुकान नहीं है। इस कारण से वह निश्चिंत होकर के अपनी दुकानदारी कर रहे हैं, उन्हें जिला प्रशासन से कुछ कहना भी नहीं है। जो दुकानें कार्रवाई के जद में आती है, वहां भी कछुआ चाल या धीमा कार्य हो रहा है।
दालमंडी चौड़ीकरण अभियान काे दुकानदारों ने बताया कछुआ चाल
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दालमंडी इलाके में चौड़ीकरण अभियान में जिला प्रशासन की कार्रवाई को दुकानदारों ने कछुआ चाल बताया है। वर्तमान में दालमंडी के दुकानदार पूरी तरह से निश्चिंत हो चुके हैं और उनका मानना है कि अभी भी जिला प्रशासन, राजस्व विभाग एवं लोक निर्माण विभाग दालमंडी को तोड़ने में विशेष सक्रिय नहीं है।












