इसी क्रम में रुड़की में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से एक दिवसीय खाद्य परीक्षण शिविर एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा कुल 56 विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु लाए गए। मौके पर ही किए गए परीक्षण में 07 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक हैं। फेल हुए नमूनो में दूध के 3 नमूने, मिर्च पाउडर 1 नमूना, धनिया पाउडर1 नमूना,सरसों का तेल 1 नमूना, ग्रीन चिली सॉस 1 नमूना शामिल हैं।
विभागीय टीम ने लगभग 100 उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट की पहचान करने के सरल तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि खान-पान में शुद्धता सुनिश्चित करना न केवल विभाग की जिम्मेदारी है, बल्कि उपभोक्ताओं की जागरूकता भी इसमें अहम भूमिका निभाती है।
अभियान को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में उपायुक्त लैब वीरेंद्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रुड़की योगेंद्र पांडेय,खाद्य सुरक्षा अधिकारी भगवानपुर पवन कुमार, कनिष्ठ विश्लेषक, खाद्य रमेश जोशी शामिल रहे।
खाद्य सुरक्षा विभाग जागरूकता अभियान, मोबाइल लैब में टेस्ट हुए खाद्य नमूने
हरिद्वार।प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के निर्देश पर मिलावटखोरों के विरुद्ध जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।












