यातायात पुलिस के अनुसार, 30 अप्रैल की रात 12 बजे से स्नान पर्व समाप्ति तक हरिद्वार शहर में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नगला इमरती से आने वाले वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग/होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा। चीला मार्ग को केवल ऋषिकेश की ओर निकासी (एग्जिट) के लिए निर्धारित किया गया है।
दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को नारसन, मंगलौर, गुरुकुल कांगड़ी होते हुए शंकराचार्य चौक से शहर में प्रवेश दिया जाएगा। अधिक दबाव होने पर इन्हें नगला इमरती, लक्सर, फेरूपुर होते हुए बैरागी कैंप की ओर डायवर्ट किया जाएगा। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की ओर से भारी दबाव की स्थिति में वाहनों को सहारनपुर, भगवानपुर, बिहारीगढ़ और मोहण्ड के रास्ते देहरादून/ऋषिकेश की ओर भेजा जाएगा।
नजीबाबाद और मुरादाबाद से आने वाले छोटे वाहनों को चिड़ियापुर, श्यामपुर, चंडीचौकी होते हुए शहर में प्रवेश दिया जाएगा। प्रशासन ने शहर में कई पार्किंग स्थल चिन्हित किए हैं, जिनमें अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप, चमकादड़ टापू, बैरागी कैंप, गौरीशंकर, नीलधारा और लालजीवाला प्रमुख हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें।
शहर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऑटो और विक्रम के संचालन पर भी विशेष व्यवस्था लागू की गई है। ऋषिकेश और देहरादून की ओर से आने वाले ऑटो केवल जयराम मोड़ तक ही आ सकेंगे। ज्वालापुर और बीएचईएल क्षेत्र से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा, जबकि ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी ऑटो, विक्रम और टैक्सी का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें, अनावश्यक रूप से शहर में वाहन लेकर न आएं और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व पर हरिद्वार में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू
हरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसका उद्देश्य शहर में सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात बनाए रखना है। प्रशासन ने साफ किया है कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही रोककर डायवर्ट किया जाएगा।












