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उत्तराखंड में ‘नारी सम्मान–लोकतंत्र में अधिकार’ पर विधानसभा का विशेष सत्र शुरू


लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने किया महापाप: मुख्यमंत्री

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र मंगलवार को ‘नारी सम्मान-लोकतंत्र में अधिकार’ विषय के साथ शुरू हुआ। इस दौरान सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हो रही है। सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेलोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करना कांग्रेस का महापाप बताया।

आज विशेष सत्र की कार्यवाही प्रातः 11 बजे ‘वंदे मातरम्’ के साथ प्रारंभ हुई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कार्य संचालन नियमावली के तहत महिला अधिकारों, लोकतांत्रिक भागीदारी और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा शुरू करवाई। कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने व्यवस्था के प्रश्न के तहत ऊधम सिंह नगर में जिला योजना समिति की बैठक की सूचना नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर अध्यक्ष ने इसे व्यवस्था का प्रश्न मानने से इंकार कर दिया। जिस पर मुख्यमंत्री के कहने पर मंत्री प्रदीप बत्रा ने इस विषय पर अलग से बात करने को राजी हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कहा कि सनातन संस्कृति में महिलाओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और नारी सशक्तिकरण राजनीति से परे विषय है। उन्होंने चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने ऐतिहासिक रूप से समाज और पर्यावरण की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया और इसके उद्देश्य पर सवाल उठाए। इस दौरान सदन में विपक्षी विधायकों ने आपत्ति जताई और कहा कि गलत तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को भुनाने का आरोप लगाया। बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।मुख्यमंत्री ने कहा कि तेरा मेरा नहीं राष्ट्र और राज्य की सोच के साथ काम करना है। उत्तराखंड का योगदान हमेशा अग्रणी रहा है। युद्ध के समय में प्रधानमंत्री मोदी देश को मजबूत स्थिति में बनाए रखने के लिए बेहतर कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा सहित देश में हर बेहतर व्यवस्था के साथ कार्य को संचालन किया जा रहा है। यह समय सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष का सहयोग का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला विधेयक पर कांग्रेस को समर्थन करना चाहिए। जिस विपक्ष ने कहा कि हम तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को तैयार कराइये।'

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश को बांटने का कार्य करती रही है और जनता के बीच झूठ व भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को भी कांग्रेस ने रोकने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने 'पाप नहीं, बल्कि महापाप' किया है। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी कैबिनेट में महिलाओं की संख्या सीमित रही।

सदन में बहस के दौरान कई बार व्यवधान भी उत्पन्न हुआ, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने का आरोप लगाते रहे। विशेष सत्र के दौरान महिला सशक्तिकरण, आरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर व्यापक चर्चा जारी है। यह सत्र राज्य की महिला नीतियों और भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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