शनिवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र विक्की चौहान रहे। हिमाचल प्रदेश के इस प्रसिद्ध लोक गायक ने अपनी सुमधुर आवाज और लोकप्रिय पहाड़ी गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच से जैसे ही उनके गीतों की शुरुआत हुई, मेला परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा।
दर्शकों ने देर शाम तक उनके गीतों पर झूमते हुए कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम में रवांई व जौनसार क्षेत्र के लोक गायकों ने भी अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से स्थानीय संस्कृति की झलक पेश की। हारूल, नाटी और तांदी जैसे लोकगीतों पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी झूमते नजर आए। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि क्षेत्र की लोक परंपराएं आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रमेश चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष, विजय बंधानी जिला पंचायत सदस्य तूनाल्का, कमलेश रावत, राजपाल पंवार, राजेश सेमवाल, अंकित पंवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नवीन गैरोला, विनोद असवाल सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और दूर-दराज से आए दर्शक मौजूद रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि रवांई बसंतोत्सव विकास मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के कलाकारों और स्थानीय लोक गायकों की संयुक्त प्रस्तुतियों ने मेले की शोभा को और बढ़ा दिया। वहीं, उत्तरकाशी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि ‘पुरोला बाजार की जातर’ आज भी क्षेत्र का सबसे लोकप्रिय और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन बना हुआ है।
पुरोला में ‘रवांई बसंतोत्सव विकास मेला , उमड़ा जनसैलाब
उत्तरकाशी। रवांई बसंतोत्सव विकास मेला “पुरोला बाजार की जातर” में इन दिनों रवांई घाटी सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक परंपराओं और रंगारंग प्रस्तुतियों के चलते मेला पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।












