देहरादून जिले में मानकों के विपरीत संचालित 96 होमस्टे के पंजीकरण रद्द

देहरादून जिले में मानकों के विपरीत संचालित 96 होमस्टे के पंजीकरण रद्द
देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने मानकों के विपरीत संचालित 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। इन इकाइयों को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 'ऑपरेशन सफाई' के तहत प्रथम चरण में 17 और द्वितीय चरण में 79 अवैध होमस्टे के पंजीकरण निरस्त किए गए। प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक 136 स्थलाें का निरीक्षण किया। इस दाैरान बड़ी संख्या में होमस्टे नियमों के विपरीत संचालित पाए गए। जांच में सामने आया कि कई होमस्टे होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह संचालित किए जा रहे थे। कई स्थानों पर रातभर बार संचालन, लाउड डीजे और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिलीं। प्रशासन के अनुसार ऐसे स्थान उपद्रवी प्रवृत्ति के लोगों के ठिकाने बनते जा रहे थे, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।

प्रशासन ने निरीक्षण के दाैरान पाया कि कई होमस्टे लीज और किराये पर संचालित किए जा रहे थे। कुछ मामलों में पर्यटकों और संदिग्ध प्रवृत्ति के लोगों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना ठहराया जा रहा था। शहर में नशे की हालत में हुड़दंग, ओवरस्पीडिंग और हथियारों से फायरिंग जैसी घटनाओं में भी ऐसे होमस्टे की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई व्यवस्था नहीं मिली। अग्निशमन उपकरण या तो अनुपलब्ध पाए गए या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई इकाइयों में निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे। कुछ होमस्टे बारात घर और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग में लाए जा रहे थे, जबकि कई स्थानों पर स्वामी का निवास भी नहीं पाया गया। प्रशासन ने यह भी बताया कि पूर्व निरीक्षणों में विदेशी नागरिकों के ठहराव संबंधी सी-फॉर्म उपलब्ध नहीं कराने के मामले भी सामने आए थे। इसके अलावा कुछ पंजीकृत होमस्टे संचालन में ही नहीं पाए गए।

इस संबंध में जिलाधिकारी सविन बंसल ने बधाया कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना तथा स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि करना है, लेकिन कई इकाइयां इसका व्यावसायिक दुरुपयोग कर रहे थे, जिससे व्यवस्था और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में गठित समितियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

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