नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास पर पर केइज़ाई दोयुकाई (जापान कॉर्पोरेट कार्यकारी संघ) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केइज़ाई दोयुकाई के अध्यक्ष ताकेशी निनामी और 20 अन्य व्यापारिक प्रतिनिधियों ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके विचार सुने।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इसमें द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने, निवेश के अवसरों को बढ़ाने और कृषि, समुद्री उत्पाद, अंतरिक्ष, रक्षा, बीमा, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, नागरिक उड्डयन, स्वच्छ ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और एमएसएमई साझेदारी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी पर प्रकाश डाला और व्यापार के अनुकूल माहौल प्रदान करने के भारत के दृढ़ संकल्प की पुष्टि की। प्रधानमंत्री ने देश में विमानन क्षेत्र के विकास के विशाल पैमाने के बारे में बात की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत नए हवाई अड्डों के निर्माण और रसद क्षमताओं के विस्तार सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में भी काम कर रहा है।
इस दौरान जापान के वरिष्ठ व्यापारिक नेताओं वाले केइज़ाई दोयुकाई प्रतिनिधिमंडल ने भारत के लिए अपनी योजनाओं को साझा किया। उन्होंने मानव संसाधन और कौशल विकास में भारत और जापान के बीच पूरकताओं का दोहन करने में भी रुचि व्यक्त की। दोनों पक्षों ने भविष्य के सहयोग के बारे में आशा व्यक्त की और आने वाले वर्षों में व्यापार और निवेश संबंधों को गहरा करने की उम्मीद जताई।
बैठक में सार्थक और पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से विकसित भारत @2047 के लिए जापानी व्यापार के समर्थन और प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
प्रधानमंत्री ने जापान कॉर्पोरेट कार्यकारी संघ से की मुलाकात
