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आबकारी चित्तौड़ का बड़ा आदेश, शराब की 8 दुकानों के अनुज्ञा पत्र निलंबित


चित्तौड़गढ़। शराब नीति के तहत शराब के अनुज्ञाधारियों को नियमानुसार निर्धारित मदिरा गारंटी का उठाव करना जरूरी है। वहीं निर्धारित मात्रा में मदिरा का उठाव नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई का भी प्रावधान है। चित्तौड़गढ़ जिले में ऐसे 8 अनुज्ञाधारियों के मदिरा गारंटी का उठाव नहीं होने के चलते तीन दिन के लिए उनका पंजीयन निलंबित किया गया है। वहीं बकाया राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

जिला आबकारी अधिकारी गजेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि नियमों के चलते एक आदेश जारी किया है। इसमें चित्तौड़गढ़ जिले के शराब अनुज्ञाधारियों की और से निर्धारित मात्रा में शराब का उठाव नहीं करना सामने आया है। इसे विभाग ने गंभीर अनियमितता माना है। वहीं 24 से 26 जनवरी तक इन दुकानों का अनुज्ञा पत्र निलंबित किया है। साथ ही इन आठ अनुज्ञा पत्र धारी को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में भी विभाग नियमों की पालना नहीं होने की स्थिति में सख्त कार्यवाही करेगा।

इधर, जानकारी में सामने आया कि अनुज्ञा पत्र निलंबन के बावजूद शराब ठेकेदार आदेशों की खुली अवहेलना करते देखे गए हैं। खुले आम शराब की बिक्री इन्हीं दुकानों से हो रही है। ऐसे में आबकारी अधिकारी के आदेश हवा-हवाई साबित हुए है। बताया जाता है कि इन शराब ठेकेदारों के पैनल्टी लम्बे समय से बकाया है। जिले के रावतभाटा क्षेत्र में ऐसे मदिरा की दुकानों पर शराब की बिक्री दिखी, जहां नोटिस जारी कर बंद करने के निर्देश थे।

जिला आबकारी अधिकारी ने जो आदेश जारी किया है उसमें सबसे अधिक 6 दुकानें बेगूं क्षेत्र की है। वहीं एक-एक निम्बाहेड़ा व चित्तौड़गढ़ क्षेत्र की दुकान को बंद रखने के आदेश दिया गए हैं।

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