राजस्थान: एसीबी ने अवैध खनन मामले में कई अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया
जयपुर। राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने खनन (खनिज) विभाग के अधिकारियों, क्रशर मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर अवैध खनन को वैध दिखाकर राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
एसीबी को भरतपुर क्षेत्र में खनन कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भरतपुर यूनिट ने मामले में शुरुआती जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
आरोप है कि भरतपुर के खनन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, निजी क्रशर मालिकों और ठेकेदारों के साथ मिलकर बंद या गैर-चालू खानों के लिए जारी परमिट का दुरुपयोग करके अवैध खनन गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे।
इन परमिट का इस्तेमाल अवैध रूप से निकाले गए खनिजों को ट्रांसपोर्ट और प्रोसेस करने के लिए किया जाता था, जबकि उन्हें गलत तरीके से कानूनी रूप से खनन किया गया दिखाया जाता था, जिससे रॉयल्टी और अन्य सरकारी बकाया से बचा जा सके।
एसीबी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, "आरोपियों में कोटा के माइनिंग इंजीनियर रामनिवास मंगल, तत्कालीन माइनिंग इंजीनियर राजेंद्र सिंह, माइनिंग सुपरवाइजर वीरेंद्र कुमार, तत्कालीन सुपरवाइजर भीम सिंह और तत्कालीन सर्वेयर संजू सिंह शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अलावा क्रशर मालिक अभिषेक तंवर, कंपनी पारस इन्फ्रा, सीडीएस इन्फ्रा और बालाजी एंड एएमपी, शुभ लाभ स्टोन क्रशर और रॉयल्टी कॉन्ट्रैक्टर देव दशरथ और अन्य संबंधित लोगों की भी संलिप्तता पाई गई।"
जांच में पता चला कि आरोपियों ने मिलीभगत करके बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया, जिसमें लाखों टन खनिज संसाधनों को निकाला गया।
परमिट का गलत इस्तेमाल और रिकॉर्ड में हेरफेर करके अवैध रूप से निकाले गए माल को कानूनी दिखाया गया, जिससे राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
एसीबी के बयान में कहा गया है कि खनन विभाग के अधिकारियों और प्राइवेट पार्टियों की लापरवाही व गलत कामों से आधिकारिक पद के दुरुपयोग और आपराधिक साजिश का पता चलता है।
शुरुआती जांच के नतीजों के आधार पर एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
बयान में कहा गया है कि अवैध खनन की पूरी सीमा का पता लगाने, राजस्व नुकसान की मात्रा तय करने, अतिरिक्त लाभार्थियों की पहचान करने और इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए आगे की जांच जारी है।







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