राष्ट्रपति आज सुबह करीब 9:15 बजे वायुसेना स्टेशन पहुंचीं, जहां उन्हें हेलिकॉप्टर की तकनीकी जानकारी दी गई। इसके बाद वे कॉकपिट में बैठीं और सुबह लगभग 10:15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी। करीब 25 मिनट की उड़ान के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई निरीक्षण किया। उड़ान के दौरान उन्होंने कॉकपिट से सैल्यूट भी किया।
राष्ट्रपति मुर्मुु इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई और राफेल में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति रह चुकी हैं।
जैसलमेर के प्रसिद्ध जैसलमेर किला (सोनार दुर्ग) के ऊपर से उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो संदेश के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। यह आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।
पाकिस्तान सीमा के निकट पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में शुक्रवार शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ आयोजित होगा, जिसमें सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर के रूप में राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति रहेगी।
उल्लेखनीय है कि तीन वर्ष पूर्व नवरात्रि के अष्टमी दिवस पर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर को वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। उस समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसमें उड़ान भरी थी और इसे भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक बताया था।
राष्ट्रपति ने जैसलमेर में ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी
जैसलमेर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी। वे ‘प्रचंड’ में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।












