पुलिस के अनुसार वर्तमान शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार सिहाग की ओर से पूर्व शाखा प्रबंधक अमित कुमार जांगिड़, उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। शिकायत में बताया गया कि गोल्ड लोन प्रक्रिया के दौरान ग्राहकों द्वारा जमा कराए गए स्वर्ण आभूषणों के पैकेट्स से छेड़छाड़ कर असली आभूषणों की जगह नकली आभूषण रख दिए गए।
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार गोल्ड लोन से जुड़े करीब 450 पैकेट स्ट्रांग रूम स्थित गोल्ड सेफ में रखे गए थे। जांच में लगभग 250 पैकेट्स से छेड़छाड़ की आशंका सामने आई है। फिलहाल 73 पैकेट्स में नकली सोने के आभूषण पाए गए हैं। इन पैकेट्स से कुल 4 किलो 198 ग्राम नकली सोने के जेवरात बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत साढ़े छह करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। शेष पैकेट्स की जांच जारी है।
पुलिस ने तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार जांगिड़ निवासी सीथल (गुढ़ागौड़जी), बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी निवासी बाजीवाली ढाणी झाझड़ (नवलगढ़) और उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी निवासी मुकुंदगढ़ (नवलगढ़) के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बैंक प्रबंधन की आंतरिक जांच के दौरान शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। फुटेज में 21 जनवरी की शाम करीब साढ़े छह बजे तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट को स्वर्ण आभूषणों से भरे बॉक्स लेकर बैंक से बाहर जाते हुए देखा गया। वहीं 22 जनवरी की शाम करीब साढ़े छह बजे दोनों को स्ट्रांग रूम स्थित गोल्ड सेफ में रखे स्वर्ण पैकेट्स से छेड़छाड़ करते हुए पाया गया। घटना के सामने आने के बाद गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। इस घोटाले ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नवलगढ़ में पीएनबी शाखा में 6.5 करोड़ का गोल्ड लोन घोटाला, मैनेजर सहित तीन पर मामला दर्ज
झुंझुनू। झुंझुनू जिले के नवलगढ़ कस्बे में संचालित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये के गोल्ड लोन घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक में गिरवी रखे गए असली सोने के आभूषणों के स्थान पर नकली आभूषण रखकर चार किलो से अधिक सोना गायब कर दिया गया। मामले में बैंक मैनेजर सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का प्रकरण दर्ज किया गया है। घोटाले के खुलासे के बाद शाखा के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है।












