भीलवाड़ा में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खेल का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा शहर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का बड़ा रैकेट उजागर हुआ है। भीमगंज थाना क्षेत्र के नेहरू विहार में संचालित एक संगठित सट्टा अड्डे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाते 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 49 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 लैपटॉप, 2 टैबलेट, सट्टे में प्रयुक्त एसेसरिज तथा करोड़ों रुपये के लेन-देन का हिसाब बरामद किया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि 29 जनवरी को की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक मकान में दबिश दी, जहां तीन कमरों में बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। कमरों में रखी बड़ी टेबलों पर लैपटॉप व बिजली से जुड़े दर्जनों मोबाइल चल रहे थे, जिन पर आरोपी लगातार सट्टा भाव बता रहे थे और दांव लगवा रहे थे। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टे की खाईवाली कर रहे थे। इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों का दुरुपयोग कर आम लोगों को सट्टे के भाव बताकर दांव लगवाया जा रहा था, जिससे एक पक्ष को अवैध लाभ और दूसरे को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था। सट्टा संचालन में अन्य लोगों की सिम व मोबाइल का भी इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे यह एक संगठित अपराध साबित हुआ।
इस मामले में गोविंद पुत्र पुरुषोत्तम तेजवानी निवासी सुभाषनगर, चन्दन पुत्र जगदीश फतनानी शास्त्रीनगर, तरूण पुत्र नरेश कुमार करनानी शास्त्रीनगर, मूलचंद पुत्र गोविन्दराम शास्त्रीनगर, आरिफ अंसारी पुत्र मोहम्मद असलम मोमिन मोहल्ला थाना भीमगंज तथा कमलेश पुत्र धर्मराज कलवानी निवासी नाथद्वारा सराय को गिरफ्तार किया गया है।
भीमगंज पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर गहन अनुसंधान प्रारंभ किया है। पुलिस अब सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ऑनलाइन लेन-देन की कड़ियों की भी जांच कर रही है।
वहीं, झालावाड़ जिले के मिश्रोली ब्लॉक के आमलिया खेड़ा गांव में नशा तस्करों के अवैध कब्जे पर बुलडोजर चला दिया गया। पुलिस ने चारागाह भूमि पर बने इस अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई एमडी ड्रग्स की बड़ी फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद हुई थी, जहां 5 करोड़ रुपये कीमत के 2 किलो निर्मित एमडीएम और 130 किलो केमिकल ड्रग्स जब्त किए गए थे।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि इस अवैध कब्जे का मालिक गोपालसिंह पुत्र मांगूसिंह बताया जा रहा है। मामले में तीन अभियुक्त अभी भी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया है।












