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झुंझुनू का सौर ऊर्जा मॉडल पूरे राजस्थान में लागू होगा: ऊर्जा मंत्री


झुंझुनू। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि झुंझुनू जिले के सौर ऊर्जा मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। झुंझुनू जिला आज प्रदेश के डिस्कॉम में सौर ऊर्जा के मामले में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। झुंझुनू जिले में कुसुम ए और सी योजनाओं के तहत लगभग 45 प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्लांटों से 68 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इसी शानदार बुनियादी ढांचे की बदौलत झुंझुनूं के किसानों को आज दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। नागर मंगलवार सांय को झुंझुनू अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027 तक राजस्थान के प्रत्येक किसान को खेती के लिए रात की कड़कड़ाती ठंड या असुविधा के बजाय दिन के उजाले में बिजली सुनिश्चित की जा सके। बिजली कर्मचारियों के बीच पनप रहे संशय को दूर करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार के पास फिलहाल निजीकरण की कोई योजना नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां कुसुम प्लांट लगे हैं वहां बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाने की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया जाए। इससे हम दिन में उत्पादित सौर ऊर्जा को स्टोर कर सकेंगे और उसका उपयोग सुबह-शाम के पीक ऑवर्स में करेंगे। जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा और उपलब्धता कम होती है।

उन्होंने चल रहे प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की। साथ ही राजस्थान में संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) प्रोजेक्ट के तहत मानसून से पहले फीडर सेग्रीगेशन और अन्य कार्यों को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिले में निर्माणाधीन 33 केवी जीएसएस और प्रसारण तंत्र की मॉनिटरिंग तेज की जाएगी। बैठक में पूर्व सांसद संतोष अहलावत, भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, अजमेर विद्युत वितरण निगम के एसई महेश टीबड़ा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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