मुख्यमंत्री ने इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर आधारित पतंगों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने लोक-कलाकारों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति एवं परंपरा का प्रतीक है। पतंग महोत्सव जैसे आयोजन प्रदेश की लोक संस्कृति, रचनात्मकता एवं सामाजिक चेतना को मजबूती देने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इस वर्ष राज्य के समस्त सात संभाग स्तर एवं जैसलमेर व माउंटआबू में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में जलमहल की पाल पर आयोजित पतंग उत्सव में रंग-बिरंगी पतंगों, पारंपरिक उल्लास एवं देशी-विदेशी पर्यटकों का संगम दिखाई दिया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, विधायक बालमुकुंदाचार्य, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ सहित अन्य अधिकारी, देशी-विदेशी पर्यटक और आमजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पतंग उड़ाकर किया पतंग उत्सव का शुभारंभ
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मकर संक्रांति के पर्व पर जल महल की पाल पर पतंग उत्सव (काइट फेस्टिवल) का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति पर्व की परंपरा में सहभागिता निभाई।







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