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विधानसभा में भ्रष्टाचार के आरोपों पर हंगामा, बजट बहस का कार्यक्रम तय


जयपुर। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान द्वारा जयपुर में मकानों के पट्टों और निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन गई। आरोपों पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिससे दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच नोकझोंक हुई।

रफीक खान ने कहा कि जयपुर शहर में छोटे मकानों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े आवासीय परिसरों को राहत दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन मकानों पर निरीक्षण के नाम पर दबाव बनाया जाता है और बिना भुगतान के न तो नक्शे स्वीकृत हो रहे हैं और न ही पट्टे जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास आरोपों के समर्थन में प्रमाण हैं। इस पर भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद सदन में कुछ समय के लिए व्यवधान की स्थिति रही।

इससे पहले कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने दौसा तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील स्तर पर मनमानी हो रही है और अनुसूचित जाति वर्ग के मकानों को तोड़ा जा रहा है। बैरवा वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए नाराजगी जताई और कहा कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सदस्यों को सदन की मर्यादा बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने व्यवस्था का प्रश्न उठाने का प्रयास किया, जिस पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति की। दोनों के बीच नियमों को लेकर संक्षिप्त बहस हुई। अध्यक्ष ने हस्तक्षेप कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया।

सदन में राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों से जुड़े प्रश्न पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और विपक्षी सदस्यों के बीच भी चर्चा हुई। वहीं भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की। इसी दिन विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में 19 फरवरी तक का कार्यसूची कार्यक्रम तय किया गया। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सदन में बीएसी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके अनुसार 12, 13, 16 और 17 फरवरी को बजट पर चर्चा होगी। 14 और 15 फरवरी को अवकाश रहेगा। 17 फरवरी को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी बजट पर हुई चर्चा का जवाब देंगी। 18 और 19 फरवरी को विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कराया जाएगा।

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