प्रदोषकाल में हुआ होलिका दहन, भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग
भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में सोमवार को भस्मारती के दौरान धुलेंडी मनाई
गई। भस्म आरती में पंडे-पुजारियों, पुरोहित और भक्तों ने भगवान महाकाल के
साथ हर्बल गुलाल से होली खेली। भस्मारती में शामिल होने के लिए देर रात से
ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंच गए थे।
दरअसल,
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में होली पर अलग ही उत्साह देखने को मिलता है।
यहां एक दिन पहले रविवार को ही तड़के भस्म आरती से होली मनाने की शुरुआत हो
गई थी। पुजारियों ने भगवान महाकाल के साथ 51 क्विंटल फूलों से होली खेली
थी। इसके बाद संध्या आरती में भी पुजारियों ने भगवान को गुलाल अर्पित कर
होली मनाई। मंदिर की परंपरा के अनुसार संध्या आरती के बाद पुजारियों ने
मंदिर परिसर में बनाई गई होलिका का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कर दहन
किया। बता दें कि देश में सबसे पहले महाकाल के आंगन में होली का पर्व मनाया
जाता है।
हालांकि, भस्म आरती के दौरान
महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद होली का जश्न
फीका पड़ गया। बताया जा रहा है कि भस्म आरती के दौरान मंदिर में हजारों
श्रद्धालु महाकाल के साथ होली मना रहे थे। इसी दौरान गुलाल उड़ाने से आग भड़क
गई। इसमें पुजारी समेत 13 लोग झुलस गए।
तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
कलेक्टर
नीरज कुमार सिंह ने महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार भस्म आरती के दौरान हुई
आग की घटना के मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य कार्यपालन
अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना और अपर कलेक्टर उज्जैन अनुकूल जैन द्वारा
संपूर्ण घटना की जांच की जाएगी। कलेक्टर ने तीन दिन में जांच समिति को
रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर नीरज सिंह ने
बताया कि सभी झुलसे लोगों का बेहतर उपचार किया जा रहा है। सभी की हालत खतरे
से बाहर है। आग कैसे लगी, इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।