अनूपपुर। देश भर में इन दिनों चैत्र नवरात्रि के महापर्व की धूम है। इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। वहीं मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक ऐसा मंदिर हैं जहां आदिवासी समाज के साथ अन्य समुदाय के लोग भी एकत्रित होते हैं।
अष्टमी से लगने वाले तीन दिवसीय मेले में दूर-दूर से महरा समाज के लोग आते हैं और तीन दिन यहां रहकर पूजा पाठ करने के साथ लड़का-लड़की एक दूसरे को पसंद कर परिवारों की रजामंदी से उनकी शादी कर दी जाती है यह परंपरा हमारे यहां वर्षों से चली आ रही है।
अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत ऊरा के द्रौपदी देवी मंदिर में विशेष है, जहां चैत्र नवरात्रि में यहां ज्वार बोने के साथ ही तीन दिवसीय मेले का आयोजन बड़ी धूमधाम से होता है, जिसमें आदिवासी समाज के साथ ही अन्य समुदाय के लोग भी एकत्रित होते हैं। अष्टमी से लगने वाले तीन दिवसीय मेले में दूर-दूर से महरा समाज के लोग आते हैं और तीन दिन यहां रहकर पूजा पाठ करते हैं। मेले के दौरान लड़का-लड़की एक दूसरे को पसंद कर लेते हैं. कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद दोनों परिवारों की रजामंदी से उनकी शादी कर दी जाती है. यह परंपरा हमारे यहां वर्षों से चली आ रही है।
द्रौपदी मंदिर के पंडा रमेशजी ने रविवार को बताया कि ग्राम पंचायत ऊरा के द्रौपदी मंदिर प्रांगण में अष्टमी से तीन दिन तक चलने वाले मेले में मध्य प्रदेश के सीधी, ब्यैहारी, जयसिंह नगर, मंडला, डिंडोरी, शहडोल के अलावा छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, महेंद्रगढ़ तथा सहित आसपास के महरा समाज के लोग यहां परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचते हैं। द्रौपदी देवी दाई के मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से मनोकामना मांगते हैं, देवी उनकी मनोकामना पूरी करती हैं. इस तीन दिवसीय मेले में भव्य भंडारे के साथ चैत्र नवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या से दूर-दूर के लोग आते हैं तथा सुरक्षा के लिए प्रशासनिक बाल भी मौजूद रहता हैं।
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