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पंजाब रोडवेज कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार का किया विरोध


चंडीगढ़। पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी न किए जाने के विरोध में शुक्रवार को हड़ताल कर दी। हड़ताल इतनी तीव्र हुई कि कई कर्मचारी नजदीकी टंकियों पर चढ़ गए। पटियाला में स्थिति और गंभीर हो गई, जहां आउटसोर्स कर्मचारियों के विरोध पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने घटना की कड़ी निंदा की है। 

 उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि रोडवेज कर्मचारियों पर हिंसा करना गलत है और सरकार को उनकी जायज मांगों को सुनना चाहिए, न कि उन्हें दबाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "आज मेरे एक साथी ने आत्महत्या करने की कोशिश की। मैं उनसे रिक्वेस्ट करता हूं कि आत्महत्या करने की कोई जरूरत नहीं है। हमें लड़ने की जरूरत है। हम सब आपके साथ हैं और मुझे उम्मीद है कि हम पूरी ताकत से लड़ेंगे। मैं हमेशा आपके साथ हूं।" उन्होंने कहा कि संगरूर में पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकारों पर किया गया हमला भी उतना ही शर्मनाक है।

 पत्रकारों पर इस तरह के हमले सरकार के लोकतांत्रिक नियमों के प्रति सम्मान पर गंभीर सवाल उठाते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि पुलिस और प्रशासन कर्मचारियों के साथ आक्रामक व्यवहार न करें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का काम बहुत महत्वपूर्ण है, वे दिन-रात बसों के माध्यम से लोगों की सेवा करते हैं। ऐसे में यह सही नहीं कि उन्हें मारपीट और डराने-धमकाने का सामना करना पड़े।

 गौरतलब है कि इस हड़ताल की मुख्य वजह रोडवेज कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगें हैं। मुख्य विवाद 'किलोमीटर स्कीम टेंडर' को लेकर है। इस स्कीम के तहत प्राइवेट बस ऑपरेटरों को रूट्स पर टेंडर दिए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों का आरोप है कि रोडवेज की कमाई घट रही है और उनकी नौकरियां खतरे में पड़ रही हैं। इसके अलावा, वेतन वृद्धि, पेंशन, महंगाई भत्ता और ओवरटाइम भत्ते भी उनकी मांगों में शामिल हैं।

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