महिलाओं की सुरक्षा पर बोलने का राजद को कोई हक नहीं: संजय सरावगी
पटना। पटना में एक नीट अभ्यर्थी की मौत को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन पर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेताओं ने राजद पर निशाना साधा है।
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी राजद पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राजद को बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ अनगिनत घटनाएं हुईं और उस समय प्रशासन ने कई मामलों को नजरअंदाज किया।
संजय सरावगी ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने इस मामले में तुरंत कदम उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है ताकि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच हो सके।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि राजद के पास करने के लिए कोई ठोस काम नहीं है, इसलिए वह इस तरह के प्रदर्शन कर रही है।
मंत्री श्रवण कुमार ने इस घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक दल का प्रदर्शन है, इसलिए इसमें कुछ दिखावा भी हो सकता है, लेकिन सरकार की ओर से साफ संदेश है कि इस तरह का अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। श्रवण कुमार ने भरोसा दिलाया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने राजद के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू यादव के शासनकाल के दौरान महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अन्याय और अत्याचार हुए थे। उन्होंने कहा कि आज राजद को महिलाओं के मुद्दों पर भाषण देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि बिहार और देश की जनता उसकी सच्चाई को भली-भांति जानती है।
नीट अभ्यर्थी की मौत को लेकर जहां एक ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है।












