केरल में चुनाव से पहले शराब की बिक्री पर लगाई गई पूरी तरह रोक
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस क्रम में मंगलवार शाम 6 बजे से 9 अप्रैल शाम 6 बजे तक केरल भर में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी।
गुरुवार को केरल में 140 नए विधायकों के चुनाव के लिए मतदान होना है। ऐसे में अधिकारियों ने 48 घंटे का सख्त प्रतिबंध लागू कर दिया है, जिससे राज्य में शराब की खपत की सबसे अधिक आदतों में से एक पर प्रभावी रूप से रोक लग गई है।
मंगलवार शाम 6 बजे से 9 अप्रैल शाम 6 बजे तक केरल भर में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी।
पेय पदार्थ की दुकानें, बार, बीयर पार्लर और यहां तक कि बेवको की दुकानें भी बंद रहेंगी।
चुनाव आयोग द्वारा जारी इस आदेश का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या को रोककर शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
केरल की 3.34 करोड़ आबादी में से अनुमानित 32.9 लाख लोग शराब का सेवन करते हैं, जिनमें लगभग 29.8 लाख पुरुष और 3.1 लाख महिलाएं शामिल हैं।
किसी भी दिन लगभग पांच लाख लोग शराब पीते हैं, जिससे अचानक आया यह विराम और भी अधिक ध्यान आकर्षित करता है।
केरल भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत में भी शीर्ष राज्यों में से एक है, जहां वार्षिक खपत लगभग 8.3 लीटर है।
रम और ब्रांडी की मांग सबसे अधिक है, जो राज्य द्वारा संचालित नेटवर्क के माध्यम से होने वाली बिक्री का लगभग 94 प्रतिशत है।
इस नेटवर्क की रीढ़ केरल स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन (बेवको) है, साथ ही कंज्यूमरफेड द्वारा संचालित 39 आउटलेट भी हैं।
हालांकि, अगले दो दिनों तक इन सभी दुकानों पर शटर पूरी तरह बंद रहेंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि होटलों, दुकानों या सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी, और उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
मतदान क्षेत्रों के आसपास निगरानी भी कड़ी कर दी गई है ताकि नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।












