कर्नाटक: कीचड़ से बचाए जाने के तीन दिन बाद जंगली हाथी की मौत
चामराजनगर। कर्नाटक के चामराजनगर जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां कीचड़ में फंसे एक जंगली हाथी की रेस्क्यू के तीन दिन बाद मौत हो गई।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना हनूर तालुक के उदुथोरेहल्ला जलाशय के पास हुई। भीषण गर्मी से राहत पाने और पानी पीने के लिए जलाशय में उतरा हाथी कीचड़ में फंस गया था। वनकर्मियों ने अभियान चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
हालांकि, रेस्क्यू के बाद हाथी बेहद कमजोर और थका हुआ था। पशु चिकित्सकों की टीम ने लगातार तीन दिनों तक उसका इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और गुरुवार को उसकी मौत हो गई।
वन अधिकारियों ने बताया कि आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह उदुथोरे जलाशय के बैकवॉटर क्षेत्र में तीन मादा हाथी भी कीचड़ में फंस गई थीं। ये हाथी मलाई महादेश्वर वन्यजीव अभयारण्य के बफर जोन में स्थित जलाशय में पानी पीने आई थीं, लेकिन गहरे कीचड़ में धंस गईं।
गश्त के दौरान वनकर्मियों ने हाथियों को संघर्ष करते देखा और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। दो हाथी किसी तरह खुद को बाहर निकालने में सफल रहे, जबकि एक हाथी लंबे समय तक फंसा रहा।
इसके बाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की मदद से पूरे दिन चले अभियान में उसे बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू के दौरान कुमकी (प्रशिक्षित) हाथियों और क्रेन की भी मदद ली गई, लेकिन 25 वर्षीय मादा हाथी को खड़ा करने में काफी मुश्किलें आईं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच कर्नाटक में 280 से अधिक हाथियों की मौत हो चुकी है, जिनमें 30 से ज्यादा मौतें करंट लगने (इलेक्ट्रोक्यूशन) के कारण हुई हैं।
इसके अलावा बीमारी, हादसे और शिकार (पोचिंग) भी हाथियों की मौत के प्रमुख कारण हैं।
हाल के मामलों में चामराजनगर में कीचड़ में फंसने से हाथी की मौत और जून 2025 में हासन जिले में एक मादा हाथी और उसके बच्चे की करंट लगने से मौत शामिल है।












