'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' क्रांतिकारी निर्णय : सीएम मोहन यादव
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत करते हुए कहा कि यह 21वीं सदी का क्रांतिकारी निर्णय है। महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया जा रहा है।
केंद्र सरकार की पहल का मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वागत करते हुए कहा कि ये नारी शक्ति अधिनियम एक बहुत बड़ा निर्णय है, लोकतंत्र और बहनों के लिए क्रांतिकारी निर्णय, इसका लाभ हमारी आधी आबादी को मिलेगा।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता भी है और हम उसे खुले मन से भी बोलते है, परंतु कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सिर्फ कहते है कि महिला आरक्षण होना चाहिए, लेकिन उनकी नीति और नीयत में फर्क दिखता है। एक बार फिर कांग्रेस बेनकाब होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि विपक्ष हमेशा मीन मेख निकालता है और इसी कारण से लगातार उसका जनाधार भी घट रहा है।
किसी भी विषय पर उनको अगर बात करनी है तो फ्लोर पर बात करें। विरोध करने वाली बात अगर ला रहे है तो जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। आधी आबादी उनके बारे में क्या सोचेगी ये कांग्रेस के सोचने का विषय है।
दरअसल, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के लिए संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है।
इस सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में लाया जाएगा ताकि इसे पारित किया जा सके।
वहीं, सीएम मोहन यादव ने गुरुवार को जनगणना के तहत स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का फॉर्म में भागीदारी की।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''आज से शुरू हो रही जनगणना के तहत भोपाल निवास में स्व-गणना का फॉर्म भरा। मध्यप्रदेश के समग्र विकास को गति देने और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है।
सभी प्रदेशवासियों से मेरी अपील है कि स्व-गणना का फॉर्म भरें और जब जनगणना की टीम घर आए, तब सभी आवश्यक जानकारियां उन्हें अवश्य दें। यह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए है। जनगणना देश की रीढ़ और विकास की नींव होती है।''












