पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान में न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर संभावित आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के तहत संदिग्ध गतिविधियों की जांच, लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना और त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया।
इस दौरान क्षेत्र में कुछ समय के लिए सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं, लेकिन पुलिस की पूर्व सूचना और व्यवस्थाओं के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। अभियान समाप्त होने के बाद दुकानों को पुनः खोल दिया गया और आवागमन भी सामान्य कर दिया गया।
नगर निरीक्षक बलजीत बिसेन ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। साथ ही, आमजन में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।
मॉक ड्रिल के दौरान शहर में तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं और लोग एक-दूसरे को फोन कर स्थिति की जानकारी लेते नजर आए। हालांकि, पूरे अभियान के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनने दी।
जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की अफवाह के बीच मॉक ड्रिल, आवाजाही पर लगी रोक
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर में सुरक्षा को लेकर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान एहतियातन आसपास की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराया गया और आम लोगों की आवाजाही पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई।












