बुधवार सुबह परिजनों को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पाेस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार दाेपहर काे पाेस्टमार्टम के बाद शव परिजनाें काे साैंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एसआई गब्बर सिंह के मुताबिक मृतक की पहचान 32 वर्षीय शैलेंद्र सिंह ठाकुर, निवासी गोल्डन सिटी, रातीबड़ के रूप में हुई है। वे मूल रूप से सीहोर जिले के आष्टा तहसील के गोपालपुर गांव के रहने वाले थे और पिछले छह महीनों से भोपाल में किराए पर रहकर रातीबड़ के ही एक निजी कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने बीमारी से परेशान होने की बात लिखते हुए जीवन समाप्त करने का निर्णय लेने का जिक्र किया है। नोट में उन्होंने अपने परिजनों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए सभी को अपना ध्यान रखने और स्वस्थ रहने की बात कही है।
हालांकि, परिजनों का कहना है कि उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। पुलिस के अनुसार, वे पिछले कुछ समय से मौसमी बीमारियों—जैसे सर्दी-जुकाम—से जल्दी प्रभावित हो जाते थे और इसके बाद होने वाली कमजोरी से चिंतित रहते थे। पुलिस ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी पिछले एक वर्ष से बच्चेदानी के कैंसर का इलाज करा रही हैं और फिलहाल अपने मायके में रह रही हैं। इस पारिवारिक स्थिति को लेकर भी वे मानसिक तनाव में थे। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
भोपाल में निजी कॉलेज के प्रोफेसर ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बीमारी से परेशान होने का जिक्र
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रातीबड़ इलाके में रहने वाले एक निजी कॉलेज के 32 वर्षीय प्रोफेसर ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अपने घर के कमरे में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली।












