अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल शिवनी बीट में एक दो दांतों वाले हाथी ने शुक्रवार सुबह एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया। घटना मप्र-छग सीमा पर स्थित डडिंया गांव के जंगल में हुई। इस हाथी के सीमा पर आने से अनूपपुर के जैतहरी क्षेत्र के ग्रामीणों और वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
महुआ बीनने के लिए गए बुजुर्ग
मृतक की पहचान त्रिलोचन सिंह पिता अंगद सिंह के रूप में हुई है। वे शुक्रवार सुबह करीब चार बजे डडिंयाडोंगरी जंगल में अकेले महुआ बीनने गए थे, तभी हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर वनरक्षक शाहिद खान, ग्राम पंचायत पोंडी के सरपंच हेमचंद मरावी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने छग के मरवाही पुलिस थाने को भी घटना की जानकारी दी है। यह क्षेत्र मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र की चोलना ग्राम पंचायत सीमा से लगभग चार से पांच किलोमीटर दूर है।
वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
जैतहरी वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि यह हाथी दो मार्च की सुबह छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल की शिवनी बीट से अनूपपुर के जैतहरी पहुंचा था। फिलहाल, हाथी डडिंया के जंगल में ही ठहरा हुआ है और उसके अनूपपुर वन मंडल की ओर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है। वन विभाग ने गांव वालों को सख्त चेतावनी दी है कि वे दिन या रात में जंगल में महुआ बीनने, लकड़ी काटने या किसी भी काम से न जाएं, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
साथियों की तलाश में वापस लौट सकता है हाथी
यह हाथी अपने तीन साथियों के साथ धनगवां बीट के जंगल में कुछ समय तक रहा। बाद में वह उनसे अलग होकर अलग-अलग जगहों-कोतमा वन क्षेत्र के पडौंर, चुकान, आमाडांड, मलगा और टांकी में घूमता रहा। इसके बाद वह छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ और खड़गवां वन क्षेत्र होते हुए वापस अपने बड़े झुंड (कटघोरा वन मंडल) में जाकर मिल गया। अब संभावना जताई जा रही है कि वह फिर से अपने उन तीन साथियों की तलाश में वापस आ सकता है।













